अमृतसर आत्महत्या कांड से मचा बवाल, मंत्री पर आरोप और गिरफ्तारी की मांग तेज

पंजाब के अमृतसर में राज्य भंडारण निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या ने पूरे राज्य की राजनीति को हिला कर रख दिया है। इस घटना के बाद जहां प्रशासन जांच में जुटा है वहीं विपक्षी दलों ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला है। यह मामला अब केवल एक आत्महत्या तक सीमित नहीं रह गया बल्कि सियासी आरोप-प्रत्यारोप और विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बन गया है। विपक्ष ने इसे प्रशासनिक दबाव और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाए हैं।
विपक्ष का घेराव और गिरफ्तारी की मांग तेज
इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने मिलकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि जब तक पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक न्याय अधूरा रहेगा। विपक्ष का आरोप है कि केवल इस्तीफा लेना पर्याप्त नहीं है बल्कि कानूनी कार्रवाई जरूरी है। इस संयुक्त विरोध ने पंजाब की राजनीति को और ज्यादा गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इसका असर और बढ़ सकता है।

आत्महत्या से पहले लगाए गए गंभीर आरोप
बताया जा रहा है कि गगनदीप सिंह रंधावा ने 20 मार्च को जहर खाकर आत्महत्या की थी। इस घटना से पहले उनका एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उन्होंने मंत्री पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इस वीडियो ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच शुरू कर दी गई है लेकिन विपक्ष इस जांच पर भी सवाल उठा रहा है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब मामला केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जाए। यही वजह है कि अब इस केस में सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
सरकार पर दबाव और बढ़ता राजनीतिक संकट
इस पूरे मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत कई नेताओं ने पंजाब सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यशैली के कारण अधिकारी मानसिक दबाव में हैं और ऐसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने इस्तीफा देकर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया है लेकिन विपक्ष इसे केवल दिखावा बता रहा है। अब सबकी नजर जांच के नतीजों पर टिकी है। यह मामला पंजाब की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है और आने वाले चुनावों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।